मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग (MPPSC) ने भर्ती प्रक्रिया में एक बड़ा बदलाव करते हुए प्रीलिम्स परीक्षा में पहली बार नेगेटिव मार्किंग लागू करने का फैसला किया है। आयोग ने 30 और 31 दिसंबर, 2025 को कुल 27 भर्ती अधिसूचनाएं जारी की हैं, जिनके माध्यम से राज्य के विभिन्न विभागों में कुल 1,737 पदों पर नियुक्तियां की जाएंगी।
इन सभी अधिसूचनाओं में स्पष्ट किया गया है कि प्रारंभिक परीक्षा में गलत उत्तर देने पर अंक काटे जाएंगे। आयोग का यह कदम चयन प्रक्रिया को अधिक गुणवत्ता-आधारित और प्रतिस्पर्धी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
राज्य सेवा एवं वन सेवा परीक्षा 2026: 155 पदों पर भर्ती
MPPSC द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार, राज्य सेवा परीक्षा 2026 के अंतर्गत डिप्टी कलेक्टर, डीएसपी सहित कुल 155 पदों पर भर्ती की जाएगी। इसके साथ ही राज्य वन सेवा में एसडीओ और रेंजर के पद भी शामिल हैं। आवेदन प्रक्रिया 10 जनवरी, 2026 से शुरू होकर 9 फरवरी, 2026 तक चलेगी।
प्रारंभिक परीक्षा का आयोजन 26 अप्रैल, 2026 को किया जाएगा। प्रवेश पत्र 16 अप्रैल, 2026 से उपलब्ध कराए जाएंगे। परीक्षा में शामिल होने के लिए उम्मीदवार का किसी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से स्नातक होना आवश्यक है। अंतिम वर्ष के छात्र भी निर्धारित शर्तों के तहत आवेदन कर सकते हैं।
27 अधिसूचनाओं के जरिए इन पदों पर भर्ती
आयोग ने विभिन्न सेवाओं और विभागों में नियुक्तियों के लिए कुल 27 नोटिफिकेशन जारी किए हैं। इनमें प्रोविंशियल सिविल सर्विस (155 पद), फॉरेस्ट सर्विस (36), इंजीनियरिंग सर्विस (32), आयुर्वेदिक, होम्योपैथिक और यूनानी मेडिकल ऑफिसर, असिस्टेंट रजिस्ट्रार, असिस्टेंट डायरेक्टर सहित बड़ी संख्या में असिस्टेंट प्रोफेसर के पद शामिल हैं। इन भर्तियों के माध्यम से उच्च शिक्षा, चिकित्सा, प्रशासनिक और तकनीकी क्षेत्रों में नियुक्तियां की जाएंगी।
नेगेटिव मार्किंग का उद्देश्य क्या है
परीक्षा विशेषज्ञों के अनुसार, नेगेटिव मार्किंग लागू करने का उद्देश्य केवल अभ्यर्थियों की संख्या कम करना नहीं, बल्कि गंभीर और अच्छी तैयारी करने वाले उम्मीदवारों को आगे बढ़ने का अवसर देना है। बिना पर्याप्त तैयारी के अनुमान या तुक्केबाजी के आधार पर उत्तर देने वाले अभ्यर्थियों को इससे नुकसान होगा और वे प्रारंभिक चरण में ही बाहर हो जाएंगे।
विशेषज्ञों का यह भी मानना है कि नेगेटिव मार्किंग के कारण कटऑफ सामान्यतः नीचे आ सकती है, लेकिन इसका अर्थ परीक्षा के आसान होने से नहीं है। इसका संकेत यह होता है कि वही उम्मीदवार सफल होते हैं जो विषयों को समझकर सटीक उत्तर देते हैं।
ऑनलाइन नोटिफिकेशन और आवेदन
अभ्यर्थी सभी भर्ती अधिसूचनाएं और विस्तृत जानकारी आयोग की आधिकारिक वेबसाइट mppsc.mp.gov.in पर देख सकते हैं। आयोग ने स्पष्ट किया है कि सभी भर्तियां निर्धारित नियमों और संशोधित परीक्षा पैटर्न के अनुसार आयोजित की जाएंगी।
कुल मिलाकर, MPPSC द्वारा नेगेटिव मार्किंग लागू करना परीक्षा प्रणाली को अधिक पारदर्शी, निष्पक्ष और योग्यता-आधारित बनाने की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है, जिससे आगे की चयन प्रक्रिया में बेहतर और सक्षम उम्मीदवार सामने आ सकें।





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